एंटी-करप्शन ब्यूरो ने बीते बुधवार को बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यानी BMC के एक जूनियर इंजीनियर और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया। उन पर एक बेकरी मालिक से 60 हजार रुपये की घूस मांगने और लेने का आरोप है। ACB ने ऑपरेशन के दौरान आरोपियों में से एक के पास से 2.78 लाख रुपये से अधिक का बेहिसाब कैश भी बरामद किया है।
JE और सिविक वर्कर मिलकर ले रहे थे घूस
बता दें कि अरेस्ट हुए आरोपियों की पहचान 43 साल के जूनियर इंजीनियर नीरव कुमार चुनीलाल जैसुर और 46 साल के सिविक वर्कर विजय रमेश पाटिल के रूप में हुई है। ये दोनों अंधेरी (वेस्ट) में BMC के K/वेस्ट वार्ड दफ्तर में तैनात थे।
बेकरी वाले से मांगी गई थी 70 हजार की रिश्वत
ACB के अनुसार, 50 साल के शिकायतकर्ता बेकरी का बिजनेस चलाते हैं। पाटिल ने कथित तौर पर बेकरी वाले से संपर्क किया था। उसने बेकरी को आराम से चलाने देने और बेकरी के विरुद्ध कोई प्रशासनिक कार्रवाई न होने देने के एवज में खुद और जैसुर की तरफ से 70 हजार रुपये की घूस रिश्वत की मांग की थी।
बेकरी वाले ने ACB के पास दर्ज कराई शिकायत
फिर रिश्वत न देने के इरादे से, बेकरी वाले ने ACB की मुंबई यूनिट से संपर्क किया और बुधवार को इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पड़ताल के दौरान, पाटिल ने 70 हजार रुपये की डिमांड दोहराई और शिकायतकर्ता को अपने सीनियर अफसर जैसुर से मिलवाया। पुलिस ने बताया कि बेकरी वाले से बातचीत के बाद, जैसुर घूस की रकम को कम करने के लिए राजी हो गया और फिर 60 हजार रुपये पर बात तय हुई।
ACB ने पाटिल को रंगे हाथों घूस लेते पकड़ा
जांच के बाद, ACB ने K/वेस्ट वार्ड ऑफिस में ट्रैप लगाया और बेकरी वाले से 60 हजार की रिश्वत लेते हुए पाटिल को रंगे हाथों पकड़ लिया। बाद में तलाशी के दौरान, ACB के अफसरों को पाटिल के पास से 40 हजार 820 रुपये कैश मिले और उसके बैग में 2 लाख 37 हजार 600 रुपये और रखे हुए मिले।
दोनों आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन जब्त
जांच करने वालों ने जैसुर से 2 मोबाइल फोन और पाटिल से 1 मोबाइल फोन भी सीज किया है। अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच चल रही है। हाल ही में नागपुर से एक मामला सामने आया जब सैलरी नहीं मिली तो नाराज कर्मचारी ने विस्फोटक और मोबाइल फोन चुरा लिए थे।
(इनपुट- PTI)
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